Thursday, May 7, 2026
चलो भाई चलो शाखा मे चलो
चलो भाई चलो शाखा मे चलो
थोडी देर अब तुम सब काम भुलो
चलो भाई चलो संग संग चलो
आज के दिन ज़रा हंसो और खेलो ॥धृ॥
राम कृष्ण के वारिस हम
गर्व से कहते हिन्दु हम
भग्वा ध्वज है पुज्य परम
वन्दन उसे करो संग संग चलो ॥1॥
छोटे छोटे बच्चे हम
काम बडा करेंगे हम
धर्म की रक्षा करेंगे हम
कहेंगे वन्दे मातरम ॥2॥
शाखा मे है REAL FUN
कबड्डि खो खो मे रम्ता मन
करो योगा भुलो गम
कदम मिलओ और संग संग चलो ॥3॥
जीना है तो गरजे जग में, हिन्दू हम सब एक
उलझे सुलझे प्रश्नों का है, उत्तर केवल एक ॥धृ॥
केशव के चिंतन दर्शन ने, संगठना का मंत्र सिखाया
आजीवन अविराम साधना, तिल तिल कर सर्वस्व चढ़ाया
एक दीप से जला दूसरा, जलते दीप अनेक ॥1॥
भाषा भूषा मतवालों की, बहुरंगी यह परम्परा
सर्व पंथ समभाव सिखाती, ऋषि-मुनियों की दिव्य धरा
इन्द्रधनुष की छटा स्त्रोत में, शुभ रंग है एक ॥2॥
स्नेह समर्पण त्याग हृदय में, सभी दिशा में लायेंगे
समता की नवजीवन रचना, हम सबको अपनायेंगे
आज समय की यही चुनौती, भूले भेद अनेक ॥3॥
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